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Wednesday, January 15, 2014

ईन और बीन की मिलादुन्नबी के बाद फ़ोन पर मुलाक़ात ...


ईन और बीन की मिलादुन्नबी के बाद फ़ोन पर मुलाक़ात 

ईन : अस्सलामु अलैकुम 
बीन : वालय्कुम अस्सलाम

ईन : कहा है भाई ? आज ऑफिस नहीं आया, बताया भी नहीं , ना ही मैसेज ना कॉल ?
बीन : सॉरी यार, हिम्मत ही नहीं थी, 2 रातों से जाग रहा था.. पूरी बॉडी पैन कर रही है !

ईन : अरे, क्यूँ, हुवा क्या आखिर, सब ठीक तो है ??
बीन : कुछ नहीं , बस थकान थी... मिलादुन्नबी पर काफी भाग दोड़ हो गयी !

ईन : भाई थोडा डिटेल में बता ना, क्या हुवा ?
बीन : अरे दोस्त, कल मिलादुन्नबी थी ना, ईद मिलादुन्नबी... तो उसकी तय्यारियों जैसे लाइटिंग, झंडे, डी.जे. का इंतज़ाम, शरबत बनवाना... ये सब काम थे..!
और कल दोपहर से जुलूस में था, नारे लगा लगा के गला बैठ गया, फिर ट्रैफिक को कंट्रोल करने की ड्यूटी भी थी, पर 7 किलोमीटर लम्बे जाम को देख कर मैं तो बीच में ही भाग गया... और फिर अपनी डांस वाली टोली में घुस गया... 4-5 घंटे जम के डी.जे. पे डांस किया... रात में 2 बज गए थे घर आते आते ... अब तू समझ गया होगा ना... की मेरी हालत किया होगी ?

ईन : अस्तगफ़िरुल्लाह....!

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