मेरी क़लम - Meri Qalam - میری قلم ...

Friday, January 10, 2014

छोटू (सैफ़) से चैटिंग


छोटू (सैफ़) से चैटिंग चल रही थी, वो किसी बात को ले कर थोडा नर्वस फील कर रहा था... ! ऐसे होना चाहिए था... ऐसा नहीं होना चाहिए था ... ! फलां इस बात से खुश और मुतमइन नहीं है, हालांकि हमने उस काम के लिए जी जान लगा कर कोशिश की है !

मैंने कहा भाई, हमें अपने कंस्ट्रक्टिव विज़न की तरफ बे परवाह और बा हौसला रवां दवां रहना है...! 
अब बदले में चाहे किसी को उससे आने वाले रिज़ल्ट की ख़ुशी हज़म हो या ना हो ...! सबको तो मुतमइन नहीं किया जा सकता ना! ना ही ख़ुशी को हज़म करवाया जा सकता है... !
अमल का दारो मदार तो नीयतों पर होता है !! 

अब मेरा छोटू स्माइल  का आइकॉन भेज रहा था !! 

1 comment:

  1. I don’t know how should I give you thanks! I am totally stunned by your article. You saved my time. Thanks a million for sharing this article.

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