मेरी क़लम - Meri Qalam - میری قلم ...

Monday, September 30, 2013

आतंकी शेर पर गधे की जीत का किस्सा: क़िस्त 2


जब से गधे ने शेर को हराया है तबसे जंगले के सारे खच्चर, नीलगाय, बैल भैंस, लोमड़ी, बन्दर आदि सब लोग गधे की बहुत तारीफ करने लगे और कहने लगे हमसब लोग तो पहले गधे ही थे लेकिन इस कमबख्त शेर ने हमें आपस में बाँट दिया था, कई लोग कहने लगे, मेरे गाँव अब कोई शेर नहीं हैं और अब हम चैन से रहते हैं, गधे ने मीडिया को मैनेज कर लिया है और उसके नाटक का रहस्य अभी तक खुला नहीं है, बस कुछ फेस्बुकिया टाइप के जानवर गधे की बढती इज्ज़त से जलने लगे हैं, गधे ने एक अमन कायम रखने के लिए एक संस्था चलाने का फैसला किया है और तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं को न्योता भेज दिया है, कहानी चलती रहेगी... !

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