मेरी क़लम - Meri Qalam - میری قلم ...

Thursday, June 6, 2013

ख्व़ाब की पहली कोशिश

26 दिसम्बर 2012 – कोटा (राजस्थान)


जिस पल का पिछले कई सालों से इंतज़ार था, जिसके लिए हजारों कोशिशें की थी, दरअसल वोह एक ख़्वाब था, और ये बाक़ी के उन ख़्वाबों के जैसा नहीं था जो सिर्फ रात की तारीकी में सोते वक़्त देखा गया हो, और सुबह उठने के बाद याद भी ना रहे ! बल्कि यह एक जिंदा ख़्वाब था, और इसकी ख़ास बात यह थी की दिन के 24 घंटों में यह मुझे अक्सर याद रहता था !



मैं खैलदार society से ताल्लुक रखता हूँ, और इस society ने मुझे पाल पोस कर अपनी तरबियत में 25 साल का किया, कोई माने या ना मानें, मगर यह इसका बहुत बढ़ा कर्ज़ है, और यह क़र्ज़ मेरे लिए इतना भारी है की मैं इसे कभी अदा कर ही नहीं सकता, ये ख्याल हमेशा दिल और दिमाग में कचोके मारता रहता था, दिल में अजीब सी बेचैनी और तड़प हमेशा मौजूद रहती थी... हमेशा यही फ़िक्र सताती थी की मुझे कुछ तो ऐसी कोशिश करनी है जिससे मैं अपने दिल को यह भरोसा और इत्मिनान दिला सकूँ की मैंने इस क़र्ज़ का कुछ हिस्सा अपनी ज़िन्दगी में अदा किया है... !
फिर 1 ख़्वाब देखा, और उस ख़्वाब को अपने routine का हिस्सा बना लिया !
यह ख़्वाब कई कड़ीयों को जोड़ कर बना था, वो इस तरह से थीं :
1. जिस society (समाज) का मुझ पर क़र्ज़ है उसमें रहने और बसने वाले तमाम लोगों को एक plateform पर ला कर इकठ्ठा किया जाए, आपस की तमाम रंजिशें, नाराज़गी, गिले-शिकवे सब ख़तम हो जाएँ, दूरियाँ भी नजदीकियों में तब्दील कर दी जाएं ! और फिर यही मुनज्ज़म लोग पूरे आलम की फलाह ओ बहबूद के लिए काम करें !
2. आने वाली नसल को उनका हक़ मिले, सही रहनुमाई मिले, खुशगवार माहोल नसीब हो, दुनिया और आखिरत की प्रॉपर तालीम हासिल हो, ताकि वोह मिलकर एक आइडियल सोसाइटी बना सकें !
3. समाज के गरीबों और बेसहाराओं के सर पर हाथ रखने के लिए, उनका सहारा बनने के लिए लोग बढ़ चढ़ कर आगे आएं !
3. हमारी बहन और बेटियों को भी तालीम हासिल करनें के तमाम tools फराहम हों
4. देश में मोजूद हर field में हमारे लोगों का contribution हो
5. हमारे असलाफ का समाज के लिए contribution, उनकी कुर्बानियां, उनके अजाइम हमारे सामने आना चाहिए जिससे हम हमेशा motivated रहें !
6. Internet और Social मीडिया के ज़रिये नौजवानों में बेदारी और knowledge transfer को promot करने की कोशिश होनी चाहिए

अब बारी थी इन सब कड़ियों पर काम करने की ! ये सब करना कोई चुटकियों का काम तो नहीं ! इस ख्व़ाब की ताबीर हासिल करने के लिए वक़्त, सलाहियत, माल, कुर्बानियां सब कुछ चाहिए! और हर कोई एक ही झटके में इन सब के लिए तैयार नहीं होता है ... ज़ाहिर सी बात है, यह सब वो चीज़ें हैं जिनसे हमें बे इन्तहा मोहबत होती है !
तकरीबन 50 लोगों / नौजवानों को अपने इस ख़्वाब के बारे में बताया, और यह सिलसिला लगभग 1 साल चला!
बेशतर नौजवान साथियों और बुजुर्गों ने मेरे इस ख़्वाब को सुन कर कहा की यह काम तो हम सबका ही है, और हम आपके इस ख्व़ाब की ताबीर के लिए हमेशा तैयार रहेंगे... कई ने कहा की कल नहीं आज से ही कुछ काम शुरू करना चाहिए... कुछ ने negative बातें भी कहीं...!!
दोबारा टेलीफोन, एस एम एस और इमेल्स का सिलसिला शुरू किया गया, इस बार सभी से कमिटमेंट लेने की बातचीत हुई, और अक्सर ने सिर्फ वादे ही किये... मगर उन वादों से भी काफी मोटिवेशन मिला !!
आख़िरकार मुझे मिला कर सिर्फ दो लोगों की एक टीम बनीं ! और कुल 10 लोग सलाह मशविरे के लिए passive रोल में रहे !
2 लोगों की टीम ने कई मीटिंग्स की, डिस्कशन हुवे और फिर 1 प्लान तैयार किया गया वो इस तरह से था :
1. हम समाज के कामयाब लोगों का डाटा एक जगह collect करेंगे (Data से मुराद: हमारे असलाफ, बुज़ुर्ग, प्रोफेशनल्स, बिजनेसमैन, सरकारी अधिकारी, सोशल वर्कर्स वगेरह की complete details), जिससे हम उन सभी के बारे में तफसील से जान सकें और आने वाली नसल उनसे motivate हो सके !
2. हमारे स्टूडेंट्स और नौजवानों को तालीम हासिल करने में जो भी दुश्वारियां आ रही हैं, उन को हल करने की कोशिश करनी है
3. प्रॉपर गाइडेंस के लिए counsellors से काउंसलिंग करवाई जाएगी
4. दुनयावी इल्म के साथ इस्लामिक नॉलेज को परवान चढाने की कोशिश की जाएगी
5. प्रोफेशनल्स के लिए मुख्तलिफ़ topics पर workshop और seminar करवाए जायेंगे
6. माइनॉरिटीज के लिए गवर्नमेंट से स्कालरशिप हासिल करने के पूरे procedure को स्टडी कर के मुसतहिक़ स्टूडेंट्स तक स्कालरशिप पहुँचाने की कोशिश की जायेगी
7. कौम की बेटियों की तालीम के लिए तमाम tools फराहम किये जायेंगे
8. गरीब/बेसहारा स्टूडेंट्स की तालीम का इन्तेजाम किया जाएगा
9. लाइब्रेरीज / बुक बैंक्स वगेरह को प्रमोट किया जाएगा
10. समाज के कामयाब लोगो से interaction किया जायेगा, मुख्तलिफ़ प्रोग्राम्स रखे जायेंगे, उनके इंटरव्यूज लिए जायेंगे जो मोटिवेशन के काम आएं
11. नौजवानों को Internet और सोशल नेटवर्किंग के सदुपयोग के लिए अमादा किया जायेगा
12. अच्छे marks से कामयाब होने वाले स्टूडेंट्स और किसी भी field में career बनाने वाले नौजवानों की होसला अफजाई के लिए award functions रखे जायेंगे
13. समाज को तमाम बुराइयों से पाक साफ़ रखने की और खुशगवार माहोल बनाने की कोशिशे की जायेगी
14. समाज के लोगों के आपसी ताल्लुकात को मज़बूत करने के लिए कोशिशे की जायेगी
15. एक वेबसाइट बनायीं जाएगी जो कम्युनिटी पोर्टल के साथ साथ multipurpose use के लिए होगी और ऊपर लिखे पॉइंट्स में से अक्सर के लिए use की जायेगी !
अब ज्यादा देर करना भी मुनासिब नहीं था, इसी लिए काम शुरू कर ही दिया गया ! हमने 1 अंजुमन बनाई और इसका नाम खैलदार अंजुमन फाइनल किया !
फिर कामों की एक लम्बी लिस्ट में से सबसे पहले एक वेबसाइट बनाने के प्लान पर काम स्टार्ट हुवा ...
नाम पर, कंटेंट पर, design पर डिस्कशन हुवे.. और फिर काम स्टार्ट कर दिया गया.
लगभग 27 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद यह वेबसाइट तैयार हुई !! और आज (25 दिसम्बर 2012) रात 10 बजे, Talent Excellence Award Ceremony & Mushaira में सर्वोदय स्कूल, कोटा में (www.khaildaranjuman.com) लांच की गयी! और यह उस ख्व़ाब की पहली कोशिश थी...  और आज अल्हम्दुलिल्लाह यह कोशिश कामयाब हुई ... यही वो पल था जिसका बरसो से इंतज़ार था.
अल्लाह इस कोशिश को कुबूल फरमाए और बाक़ी कामों में भी आसानी पैदा करे !




1 comment:

  1. khwab ki pehli koshish mubarak. me akela hi chala tha janibe manzil magar.

    ReplyDelete