मेरी क़लम - Meri Qalam - میری قلم ...

Monday, August 30, 2010

मुफ़लिसी

मुफ़लिसी ! बच्चे को रोने नहीं देना
वरना एक आँसू भरे बाज़ार को खा जाएगा

1 comment:

  1. اشک سے دست بھرے آہ سے سوکھا دریا

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