मेरी क़लम - Meri Qalam - میری قلم ...

Wednesday, August 18, 2010

मोबाइल बना 'मौत'


कोटा के समीप बंधा गांव में मंगलवार को एक मोबाइल फटने से एक जने की मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर मिले हालात से घटना की पुष्टि की है। अंतिम निष्कर्ष के लिए जयपुर के फोरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाया गया है। घटना सोमवार सुबह की बताई गई है। मृतक का शव एक दिन बाद पुलिस और परिजनों को मिला। पुलिस और मृतक के परिजनों के अनुसार, बंधा गांव निवासी गोपाल [23] पुत्र पांचूजी सोमवार सुबह अपनी गाय, भैंसों को चराने के लिए जंगल ले गया था।
 उसके पास नामी कंपनी का मोबाइल फोन भी था। सुबह करीब साढे ग्यारह बजे से ही उसका फोन बंद हो गया था। रात तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे से ही परिजन उसकी तलाश में जंगल में गए। गांव से करीब एक किलोमीटर दूर घने जंगल में एक पेड के नीचे उन्हें गोपाल का शव पडा हुआ मिला। उसका बायां हाथ, बायीं तरफ का चेहरे का हिस्सा, सीने का कुछ भाग और कान झुलसा हुआ था। कान में से खून निकलने के भी निशान थे।
 शव के करीब ही गोपाल का मोबाइल खस्ताहाल पडा था। मोबाइल में बैटरी के नीचे का आंशिक हिस्सा फटा और जला हुआ था। सूचना मिलने पर उपअधीक्षक ठाकुर चन्द्रशील के नेतृत्व में पुलिस टोली पहुंची। मौके पर ही कोटा के फोरेन्सिक विशेषज्ञों को बुलाया गया। उन्होंने मोबाइल फटने से मृत्यु की बात कही। पुलिस ने पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त किया है।
शॉक से हुई मौत
शव पर चोट के कोई निशान नहीं हैं। पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण शॉक बताया है। युवक की मौत मोबाइल की वजह से ही हुई है। मोबाइल किस तरह मृत्यु का कारण बना इसकी जांच की जा रही है। जयपुर से विशेषज्ञों के आने के बाद इस बारे में खुलासा हो सकेगा।
ठाकुर चन्द्रशील, उप अधीक्षक पुलिस
इसलिए फटता है मोबाइल
- मोबाइल की बैटरी में केमिकल एनर्जी होती है, जो इलेक्ट्रीकल एनर्जी में बदलती है। लम्बी बात करने से ऊर्जा का निरन्तर संचार होता है और बैटरी गर्म होने लगती है, गर्मी पाकर यह फैलती है। बारूद में भी यही होता है, उसे अचानक बहुत अधिक ताप देने से फैलाव होता है, जो विस्फोट के रूप में सामने आता है।
- इस मौसम में आद्रüता अधिक है। इस कारण कई बार एनर्जी में परिवर्तन का सर्किट फेल हो जाता है, ज्यादा करंट बाहर आता है और ऎसी घटनाएं हो सकती है।
बचाव के तरीके
- ज्यादा लम्बी बात नहीं करें।
- ब्लू टूथ का उपयोग करें।
- सर्टिफाइड मोबाइल ही खरीदें, क्योंकि वे क्वालिटी कन्ट्रोल टेस्टेड होते हैं।
- वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात नहीं करें।
[जैसा कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रोनिक्स विभाग के व्याख्याता रंजन माहेश्वरी ने बताया] 
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राजस्थान पत्रिका

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